Below, you will find the lyrics for Zindagi Bata De by Tony Kakkar.
ज़िंदगी बता दे क्यूँ तू खफा हैं
सांसें ही तो ले रहा हूँ
ये भी क्या गुनाह हैं
ज़िंदगी बता दे क्यूँ तू खफा हैं
सांसें ही तो ले रहा हूँ
ये भी क्या गुनाह हैं
मेरे अपने भी अपने नहीं हैं क्यों
मेरे सपने नहीं हैं नहीं हैं क्यों
मुझे खुद से उमीदें हैं ना जाने क्यों
लोगों से उमीदें नहीं हैं क्यों
मेरी बर्बादी चाहत सारो की थी
एक फेरिस्त लम्बी रिश्तेदारों की थी
मुझे इक शख्स अपना नहीं क्यों दिखा
कल महफ़िल में भीड़ हज़ारों की थी
ज़िंदगी बता दे क्यूँ तू खफा हैं
सांसें ही तो ले रहा हूँ
ये भी क्या गुनाह हैं
ज़िंदगी बता दे क्यूँ तू खफा हैं
सांसें ही तो ले रहा हूँ
ये भी क्या गुनाह हैं
मैंने जाना ये दुनिया सिर्फ
मतलब से चलती हैं
हो गयी मोहब्बत ये मेरी ही गलती हैं
अपनों को खोने का डर नहीं किसी को
दुनिया हैं बाबू पैसे से डरती हैं
दीखता है नुकशान दीखता नफा हैं
पैसो से बिकती हैं बिकती वफ़ा हैं
हर चीज़ का मोल होता यहाँ पे
लाखों रुपये की एक एक अदा हैं
ज़िंदगी बता दे क्यूँ तू खफा हैं
सांसें ही तो ले रहा हूँ
ये भी क्या गुनाह हैं
ज़िंदगी बता दे क्यूँ तू खफा हैं
सांसें ही तो ले रहा हूँ
ये भी क्या गुनाह हैं
मेरे यार मर जाना हैं जाना हैं
ज़िंदगी हकीकत या फ़साना हैं
जाना हैं जाना हैं जाना हैं
ज़िंदगी हकीकत या फ़साना हैं
ज़िंदगी बता दे क्यूँ तू खफा हैं
सांसें ही तो ले रहा हूँ
ये भी क्या गुनाह हैं
Lyrics © DISTROMACHINE PUBLISHING