Below, you will find the lyrics for Kanta Bai (From "Sangeetkaar") by Tony Kakkar.
कांता बाई मेरे कमरे में चुपके चुपके आई
मैं तो कर रहा था पढाई क्यों आई क्यों आई
कांता बाई मेरे कमरे में चुपके चुपके आई
मैं तो कर रहा था पढाई क्यों आई क्यों आई बिना बोले
इलू इलू केंदी model town च रैंदी केंदी
मर्जानेया चालदे ना ac बोहत गर्मी पेंदी
बिट्टू की केंदी
ओह तेरी बाहें दी
मम्मा इलू इलू केंदी
केंदी दिन शनिवार दा वाजा मारदा
दही भल्ला खाऊँगी मंगल बाज़ार दा
मंगल बाज़ार से होके जाना सेक्टर चार में
जिथे रेह्न्दी ए सहेली मेरी शारदा
हा हा.. पता है फिर की केंदी
केंदी ज़ालिमा कोका कोला पिला दे पिला दे पिला दे
ओहदे नेक नि लगे इरादे इरादे इरादे
मैनू केंदी तेरा नंबर दे
मज़े ले इश्क समन्दर दे
इधर उधर ना देख तू बिजली गिरादे मेरी कमर पे
कहती संग में सो जाते हैं baby मुझको नींद है आई
कांता बाई मेरे कमरे में चुपके चुपके आई
कहती पकड़ो ना कलाई क्यों आई, क्यों आई बिना बोले
बंदा मैं सीधा साधा हूँ
किसी को भी ना मैं सताता हूँ
सुन्दर लड़की जो पूछे
खुदको single ही मैं बताता हूँ
क्योंकि single रहते रहते मैंने jingle bell बजाई
कांता बाई मेरे कमरे में यही देखने आई
कैसे होती है पढाई क्यों आई क्यों आई बिना बोले
कांता बाई मेरे कमरे में bikni पहन के आई
ज़रा भी ना शरमाई
आज की रात को पक्का टूटेगी चारपाई भाई
Lyrics © DISTROMACHINE PUBLISHING