Below, you will find the lyrics for Chand Kya Hai Roop Ka Darpan by Kishore Kumar.
हाँ चाँद क्या है
रूप का दर्पण
अरे रूप क्या है
प्रीत का आँगन
प्रीत क्या है
दिल की धड़कन
चाँद क्या है
रूप का दर्पण
अरे रूप क्या है
प्रीत का आँगन
प्रीत क्या है
दिल की धड़कन
जबसे तुम संग प्रीत लगाई
जबसे तुम संग प्रीत लगाई
हमको एक पल नींद न आई, रानी हो रानी
मेरी नस-नस ले अंगड़ाई
दूँ मैं सारी रात दुहाई, राजा हो राजा
कहो न रात की सारी कहानी
रात क्या है
नींद की चिलमन
नींद क्या है
होश की दुश्मन
होश क्या है
दीवानापन
आ आ चाँद क्या है
रूप का दर्पण
रूप क्या है
प्रीत का आँगन
प्रीत क्या है
दिल की धड़कन
आ आ
ओ ओ
आ आ
ओ ओ
आ आ
आ आ हाँ हाँ ओ ओ आ हाँ हाँ
रात को अपना चाँद प्यारा
रात को अपना चाँद प्यारा
मुझको प्यारा प्यार तुम्हारा, राजा हो राजा
सागर की है जान किनारा
मेरी जान है प्यार तुम्हारा, रानी हो रानी
अजी हम जानते है तुम बताओ
जान क्या है
साँस का बंधन
अरे साँस क्या है
आस का जीवन
आस क्या है
चाँद सी दुल्हन
आ आ चाँद क्या है
रूप का दर्पण
अरे रूप क्या है
प्रीत का आँगन
प्रीत क्या है
दिल की धड़कन